यक्ष ऐप (Yaksha App) क्या है? यूपी पुलिस की इस नई डिजिटल ऐप

क्या है यक्ष ऐप?

Yaksha App यक्ष ऐप असल में पुलिस की पारंपरिक ‘बीट बुक’ का डिजिटल अवतार है। इसे पहले से चल रहे पुलिस के विभिन्न ऐप्स और डेटाबेस (जैसे ‘त्रिनेत्र’) को जोड़कर बनाया गया है। यह ऐप अपराधियों का एक ऐसा विस्तृत डेटाबेस है, जहाँ पुलिस को केवल एक क्लिक पर अपराधी का पूरा ‘कच्चा चिट्ठा’ मिल जाएगा।

यक्ष ऐप की मुख्य विशेषताएँ (Key Features)

यक्ष ऐप केवल सूचनाओं का संग्रह नहीं है, बल्कि यह सक्रिय निगरानी का एक सशक्त माध्यम है:

  • अपराधियों का डिजिटल इतिहास (History-sheet): अपराधी की हिस्ट्रीशीट, उस पर दर्ज मुकदमे और उसकी वर्तमान स्थिति की जानकारी एक ही जगह उपलब्ध होगी।
  • रियल-टाइम वेरिफिकेशन: बीट कर्मचारी अपराधी के निवास स्थान पर जाकर उसका भौतिक सत्यापन करेंगे और उसकी रिपोर्ट ऐप पर अपडेट करेंगे। इससे अपराधियों के ठिकाने बदलने की समस्या खत्म होगी।
  • फेस रिकग्निशन (Face Recognition): ऐप में संदिग्धों की पहचान के लिए चेहरा पहचानने वाली तकनीक का उपयोग किया गया है, जिससे भीड़भाड़ वाले इलाकों में भी अपराधियों को पकड़ना आसान होगा।
  • पारदर्शी मॉनिटरिंग: जिले के टॉप-10 अपराधियों का चयन अब मानवीय हस्तक्षेप के बिना डेटा के आधार पर पारदर्शी तरीके से होगा।
  • जवाबदेही तय होना: इस ऐप के माध्यम से बीट पुलिसकर्मियों की कार्यक्षमता और उनकी जवाबदेही को ट्रैक किया जा सकेगा।

सुरक्षा के लिए क्यों जरूरी है यह तकनीक?

एसटीएफ मुख्यालय में इस ऐप की निगरानी के लिए एक विशेष कंट्रोल रूम बनाया गया है। यह ऐप माफियाओं, जिला बदर अपराधियों और वांछित पुरस्कार घोषित अपराधियों पर चौबीसों घंटे नज़र रखने में मदद करेगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि किसी बड़ी घटना के होने पर डेटाबेस की मदद से पुलिस की विवेचना (Investigation) काफी तेज हो जाएगी, क्योंकि चार्जशीट दाखिल होते ही अपराधी का विवरण स्वतः ऐप पर प्रदर्शित होने लगेगा।